
New Delhi : फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) यूनिट में बड़े पैमाने पर छंटनी करने जा रही है। इस बार लगभग 600 कर्मचारियों को निकाला जाएगा। कंपनी ने बताया है कि इसका उद्देश्य संगठनात्मक स्तर को छोटा करना और काम की गति बढ़ाना है।
इस संबंध में एक आंतरिक मेमो चीफ AI ऑफिसर अलेक्जेंडर वांग ने भेजा। अलेक्जेंडर वांग को मेटा ने इस साल जुलाई में नियुक्त किया था, जब कंपनी ने Scale AI में 14.3 अरब डॉलर का निवेश किया था।
छंटनी का असर मुख्य रूप से AI इंफ्रास्ट्रक्चर यूनिट, FAIR (Fundamental AI Research) यूनिट और अन्य प्रोडक्ट-संबंधित विभागों पर पड़ेगा। हालांकि, ‘TBD लैब्स’ के कर्मचारियों पर इसका असर नहीं होगा, जहां हाल ही में उच्च स्तरीय AI प्रतिभाओं की नियुक्ति हुई है।
कंपनी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, हाल के महीनों में AI यूनिट में बहुत तेज़ी से हायरिंग हुई थी, खासकर मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब के लिए। टीम का आकार बहुत बड़ा हो गया था, जिसे अब संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
मेटा का लक्ष्य OpenAI और Google जैसे प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले अपनी AI रणनीति को तेज करना है, जिसमें अरबों डॉलर का निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर और टैलेंट में किया जा रहा है। इस छंटनी के बाद मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स में कर्मचारियों की संख्या 3000 से कम रह जाएगी।
कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों को सूचित कर दिया है कि उनका अंतिम कार्यदिवस 21 नवंबर होगा। इसके पहले वे ‘नॉन-वर्किंग नोटिस पीरियड’ पर रहेंगे, जिसमें उनका इंटरनल एक्सेस बंद कर दिया जाएगा और मेटा के लिए कोई कार्य नहीं करना होगा। कंपनी ने कहा कि इस दौरान कर्मचारी अपने लिए आंतरिक अवसर या दूसरी नौकरी तलाश सकते हैं।














